रिपोर्ट -शमशेर चौधरी
चंदौली जनपद के एक सरकारी विद्यालय का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं दूसरी ओर सर्व शिक्षा अभियान के तहत बच्चों को स्कूल से जोड़ने और बेहतर सुविधाएं देने का दावा किया जा रहा है।खबर में चौंकाने वाला मामला सामने आया है बताया जा रहा है कि कंपोजिट विद्यालय रूपेठा में स्कूल मरम्मत के दौरान बच्चों से बालू, ईंट और अन्य निर्माण सामग्री ढुलवाने का वीडियो वायरल होने के बाद अभिभावकों में भारी आक्रोश फैल गया है। जानकारी के अनुसार अध्यापक जहां घर-घर जाकर अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए जागरूक कर रहे हैं वहीं उसी स्कूल में बच्चों से मजदूरी जैसे काम कराए जाने का यह मामला सामने आया है, जो सर्व शिक्षा अभियान की मंशा पर सवाल खड़े कर रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मासूम बच्चे तेज धूप में निर्माण सामग्री ढोने को मजबूर हैं। शासन स्तर पर प्रदेश में प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों को कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर विकसित करने,मिड डे मील, कॉपी-किताब ड्रेस और जूता-मोजा जैसी सुविधाएं देने का दावा किया जा रहा है लेकिन इस घटना ने इन दावों की पोल खोल दी है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों से इस तरह का काम कराना न केवल शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है बल्कि उनके स्वास्थ्य और भविष्य के साथ भी खिलवाड़ है मामले के सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं।अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करता है और दोषियों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।

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