तापमान में होने वाले परिवर्तन के प्रति रहें सजग-जिलाधिकारी - जनसच न्यूज़

Breaking

नमस्ते जन सच न्यूज़ में आपका स्वागत है , जन सच तक अपनी बात jansach20@gmail.com के माध्यम से पहुचायें |

Post Top Ad

Post Top Ad

Monday, April 20, 2026

तापमान में होने वाले परिवर्तन के प्रति रहें सजग-जिलाधिकारी

 

चन्दौली जनपद में पारा 40 से 42 डिग्री सेल्यिस के बीच होने के कारण भीषण गर्मी गर्म हवा व लू के प्रकोप से बचाव हेतु जिलाधिकारी  द्वारा निर्देश दिये गये है कि इस भीषण गर्मी, गर्म हवा व लू से अपना बचाव कैसे करें तथा सुरक्षित कैसे रहे। गर्म हवाओं से बचने के लिए खिड़की को रिफ्लेक्टर जैसे एलुमिनियम पन्नी गत्ते इत्यादि से ढककर रखें ताकि बाहर की गर्मी को अन्दरआने से रोका जा सके उन खिड़कियों व दरवाजों पर जिन से दोपहर के समय गर्म हवाएं आती हैं, काले पर्दे लगाकर रखना चाहिए। स्थानीय मौसम के पूर्वानुमान को सुनें और आगामी तापमान में होने वाले परिवर्तन के प्रति सजग रहें आपात स्थिति से निपटने के लिए प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण ले बच्चों तथा पालतू जानवरों को कभी भी बन्द वाहन में अकेला न छोड़ें।जहाँ तक सम्भव हो घर में ही रहे तथा सूर्य के ताप से बचें सूर्य के ताप से बचने के लिए जहाँ तक संभव हो घर की निचली मंजिल पर रहे। संतुलित, हल्का व नियमित भोजन करें और बासी खाने का प्रयोग कदापि न करे और मादक पेय पदार्थों का सेवन न करें। घर से बाहर अपने शरीर व सिर को कपड़े या टोपी से ढककर रखें घर में पेय पदार्थ जैसे लस्सी, छाछ मट्ठा, बेलका शर्बत, नमक चीनी का घोल, नीबू पानी या आम का पना इत्यादि का प्रयोग करें।मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार मार्च से जून के मध्य / अधिक ताप मान रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को हीटवेब से बचाव के लिए आवश्यक तैयारियां कर लेनी चाहिए, हीटवेब से बचाव को लेकर जन सामान्य के बीच जागरूता अभियान स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा है जब वातावरण का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से 3-4 डिग्री अधिक पहुंच जाता है तो उसे हीटवेब या "लू" कहते हैं। अभी आगे गर्मी का प्रकोप और बढ़ेगा इसलिए गर्मी से बचाव के लिए विभिन्न उपायों को अपनाना चाहिए।कब लगती है लू गर्मी में शरीर के द्रव्य बॉडी पल्यूड सूखने लगते हैं। शरीर में पानी, नमक की कमी होने पर लू लगने का खतरा ज्यादा रहता है शराब की लत, हृदय रोग, पुरानी बीमारी, मोटापा, पार्किंसन रोग अधिक उम्र,अनियंत्रित मधु मेह वाले व्यक्तियों को लू से विशेष बचाव करने की जरूरत है। इसके अलावा डॉययूरेटिक,एंटीस्टिमिनक, मानसिक रोग की औषधि का उपयोग करने वाले व्यक्ति भी लू से सवाधान रहें। लू के लक्षण गर्म लाल, शुष्कत्वचा का होना, पसीना न आना, तेज पल्स होना, उल्टे श्वास गति में तेजी, व्यवहार में परिवर्तन, भ्रम की स्थिति, सिरदर्द, मिचली, थकान और कमजोरी का होना या चक्कर आना, मूत्र न होना अथवा इसमें कमी आदि मुख्य लक्षण है। इन लक्षणों के चलते मनुष्यों के शरीर के उच्च तापमान सेआंतरिक अंगों, विशेष रूप से मस्तिष्क को नुकसान पहुंचता है। इससे शरीर में उच्च रक्तचाप उत्पन्न हो जाता

है।



No comments:

Post a Comment



Post Bottom Ad