रिपोर्ट -त्रिपुरारी यादव
वाराणसी रोहनिया। स्थानीय थाना क्षेत्र के अवलेशपुर अखरी में किराना व्यापारी जितेंद्र पटेल 45 वर्ष, की हत्या ने साइबर क्राइम का नया और खूनी चेहरा उजागर कर दिया है। बदमाशों ने 26 लाख रुपये हड़पने के लिए व्यापारी को गोली मार दी और मोबाइल लूटने की साजिश रची थी। वाराणसी पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए 5 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ में दो बदमाशों के पैर में गोली लगी है।घटना के अनुसार जितेंद्र पटेल दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। रास्ते में दो बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें घेरकर पीठ में गोली मार दी। घायल जितेंद्र घर पहुंचे और परिजनों को घटना बताकर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में दम तोड़ दिया। जांच में सामने आया कि जितेंद्र के खाते में हाल ही में 26 लाख रुपये आए थे। साइबर ठगों ने मोबाइल कब्जे में लेकर OTP के जरिए रकम ट्रांसफर करने के लिए हत्या की साजिश रची थी।डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार व एडीसीपी वरुणा लिपि नागायच के पर्यवेक्षण तथा एसीपी रोहनिया अवधेश विश्वकर्मा के नेतृत्व में रोहनिया थाना प्रभारी राजू सिंह और एसओजी प्रभारी गौरव सिंह की टीम ने सीसीटीवी, मोबाइल लोकेशन और टेक्निकल सर्वेलेंस से मामले का खुलासा किया।पुलिस मुठभेड़ में गोलू पटेल और गियांशु पटेल घायल अवस्था में गिरफ्तार हुए। गिरोह का मास्टरमाइंड आयुष पटेल, मनीष सिंह और अमन सेठ भी पकड़े गए। इनके पास से हथियार, मोबाइल और दस्तावेज बरामद हुए हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी पहले भी ऑनलाइन ठगी कर चुके हैं। डीसीपी प्रमोद कुमार ने कहा कि यह घटना साइबर अपराध के खतरनाक रूप को दिखाती है। आम जनता OTP शेयर न करें, अनजान लिंक न खोलें और बड़ी रकम आने पर सतर्क रहें। पुलिस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ करेगी।जितेंद्र पटेल के परिवार को न्याय दिलाने के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है। इस खुलासे ने साफ कर दिया कि अपराध कितना भी सोफिस्टिकेटेड हो, कानून के हाथ लंबे हैं।

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