रिपोर्ट -त्रिपुरारी यादव
वाराणसी राजातालाब। पंचकोशी परिक्रमा मार्ग के द्वितीय पड़ाव भीमचंडी में काशी सेवा शोध समिति द्वारा आयोजित श्री शतचंडी महायज्ञ का समापन हुआ। अंतिम दिन यज्ञ मंडप में अरणी मंथन से अग्नि देव प्रकट हुए, जिसके साथ ही जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। अग्नि को यज्ञ कुंड में स्थापित कर हवन प्रारंभ किया गया। यजमान के रूप में समिति के सचिव डॉ. टीपी सिंह व वंदना सिंह ने आहुतियां दीं। 15 वैदिक ब्राह्मणों द्वारा छह घंटे तक मंत्र पाठ व हवन चला, जिससे वातावरण आध्यात्मिक हो गया। आचार्य पं. सत्येंद्र मिश्रा ने कहा कि यज्ञ से समाज में सकारात्मक ऊर्जा आती है। इस दौरान भीमचंडी मंदिर के मुख्य पुजारी दयाशंकर मिश्र, सुरेंद्र बहादुर सिंह, अशोक सिंह, प्रणय सिंह, प्रमोद सिंह एडवोकेट, ओंकार सिंह, डॉ. हर्षिता राय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। सचिव डॉ. ठाकुर प्रसाद सिंह ने बताया कि मंगलवार दोपहर 2 बजे भीमचंडी मंदिर परिसर में महाप्रसाद वितरण होगा।

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