रिपोर्ट-विनोद कुमार यादव
नौगढ़ चन्दौली ग्राम रोजगार सेवकों ने नौगढ़ में मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया है। एकजुट होकर रोजगार सेवकों ने चेतावनी दिया है कि अगर अब रोजगार सेवकों के दस्तखत के बिना मस्टररोल निकाला गया और एकाउंटेंट के द्वारा वित्तीय स्वीकृतियां दी गयी तो ब्लॉक मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। विकास खंड नौगढ़ के सभागार में रोजगार सेवक संघ के सदस्यों की सोमवार को दोपहर बाद हुयी बैठक की अध्यक्षता करते हुए रत्नेश यादव ने कहा कि ग्राम प्रधानों के द्वारा अनावश्यक रूप से दरखास्त देकर शिकायत किया जाता है। मानदेय रोकने की धमकी दी जा रही है। बैठक में उपस्थित रोजगार सेवकों ने कहा कि ग्राम पंचायत का कार्यकाल समाप्त होने के पहले रोजगार सेवकों से पत्रावलियों पर दस्तखत कराए बिना मनरेगा के खातों में खेल किया गया है। रोजगार सेवकों के बिना डिमांड के ही मस्टरोल निकाला गया, वित्तीय स्वीकृतियां भी दे दी गयी। मजदूर कहीं और पैसा किसी और के खाते में भेजने का खेल किया गया।कुछ गांवों में रोजगार सेवकों से दबाव बनाकर हस्ताक्षर भी करा लिया गया।हस्ताक्षर न बनाने पर नौकरी से निकाल देने की धमकी दी जा रही है। कहा कि कुछ रोजगार सेवकों ने कोरोना आपदा में रोजगार छीने जाने के डर से हस्ताक्षर कर दिया था, जिसने नहीं किया उसका फर्जी हस्ताक्षर बना कर भुगतान कर दिया गया। कुछ ग्राम पंचायतों में रोजगार सेवक का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर भुगतान किया जा रहा है।रोजगार सेवकों पर दबाव बनाने के लिए 2 माह से मानदेय नहीं दिया गया है। चौदहवां/ राज्य वित्त का मनरेगा से अभिसरण नहीं किया गया है। जो शासनादेश के विरुद्ध है।श्रमिकों का नुकसान भी हो रहा है। खंड विकास अधिकारी सुदामा यादव ने रोजगार सेवकों की व्यथा को सुना और आश्वस्त किया की अब बिना दस्तखत के मस्टररोल निकाला गया और वित्तीय स्वीकृतियां दी गयी तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्यवाही करेंगे। बैठक में प्रमुख रूप से रत्नेश यादव, अनिल यादव, चंद्रशेखर यादव, सुभाष यादव, अनिल कुमार दुबे, कैलाश यादव, आशीष कुमार तिवारी, जयप्रकाश जिज्ञासु, कालिका प्रसाद, प्रमोद कुमार के अलावा अन्य गांव के रोजगार सेवक मौजूद थे।

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