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Saturday, February 28, 2026

यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए - सुनैना

            प्रतिवाद मार्च निकाल सौंपा ज्ञापन

चन्दौली चकिया यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन लागू करो, जेएनयू तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं, जेएनयू छात्रों का सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष जिंदाबाद, जेएनयू के छात्रों पर किया गया मुकदमा वापस लो,जातिवादी जेएनयू कुलपति को बर्खास्त करो नारे के साथ आरवाईए आइसा तथा भाकपा(माले) द्वारा संयुक्त रूप से प्रतिवाद मार्च निकाला गया, जो चकिया लालपुर स्थित भाकपा(माले)कैम्प कार्यालय से नगर भ्रमण करते हुए उप जिलाधिकारी कार्यालय चकिया पहुंचा जहां विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन राष्ट्रपति को संबोधित सौंपा गया।ज्ञापन सौंपने के दौरान आरवाईए जिला कौंसिल सदस्य कामरेड सुनैना कुमारी ने कहा कि लैंगिक और जातिगत भेदभाव के खिलाफ यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन को प्रभावी और सशक्त बना कर लागू करने जेएनयू छात्रसंघ पदाधिकारियों समेत 14 छात्रों को तिहाड़ जेल से तत्काल रिहा करने की मांग पर आज पूरे देश में प्रतिवाद मार्च आयोजित किया जा रहा है जो जेएनयू के छात्रों द्वारा सामाजिक न्याय के लिए किए जा रहे संघर्ष के साथ एकजुट आंदोलन का प्रतीक है। आइसा लखनऊ की पूर्व सह संयोजक क्रांति ने कहा कि UGC रेगुलेशन पर रोक के खिलाफ जेएनयू छात्रसंघ और छात्र आंदोलनरत हैं। 22-23 फरवरी की रात में जेएनयू प्रशासन व सत्ता समर्थित गुंडों द्वारा धरना पर बैठे छात्रों पर हमला किया गया। यूजीसी रेगुलेशन 2026 को लेकर जेएनयू कुलपति की विवादास्पद टिप्पणी व छात्रों के लोकतांत्रिक ढंग से जारी आंदोलन को लेकर जेएनयू प्रशासन के गैर जवाबदेह रवैए से स्पष्ट है कि वह इन सवालों के हल करने को लेकर संवेदनशील व गंभीर नहीं है। इसके बाद ही 26 फरवरी को शिक्षा मंत्रालय से इन सवालों को हल करने के लिए आग्रह करने हेतु शांतिपूर्ण कार्यक्रम घोषित किया 

था। लेकिन पुलिस द्वारा जेएनयू मेन गेट पर ताला लगा दिया गया और बैरिकेडिंग कर छात्रों को गेट पर जबरन रोक दिया गया। यहां तक कि शिक्षा मंत्री से वार्ता कराने तक का प्रयास नहीं किया गया। उल्टे छात्रों के साथ बर्बरता की गई और छात्रों को गिरफ्तार कर लिया गया। इसमें से जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष अदिति, उपाध्यक्ष गोपिका, जॉइंट सेक्रेटरी दानिश , पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष नीतीश कुमार व   आइसा राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा समेत 14 छात्रों को तिहाड़ जेल भेज दिया गया। हम इस तरह की अलोकतांत्रिक कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते है।आरवाईए आइसा नेताओं ने मांग करते हुए कहा की यूजीसी रेगुलेशन पर रोक को निरस्त किया जाए,रोहित एक्ट लागू किया जाए,जेएनयू में जेल भेजे गए सभी छात्र नेताओं को रिहा तत्काल बिना शर्त रिहा किया जाए,जातिवादी जेएनयू कुलपति को बर्खास्त किया जाए ,छात्रों पर लाठी चलाने वाले पुलिस अधिकारियों को दंडित किया जाए।प्रतिवाद मार्च में अमित कुमार, योगेंद्र प्रसाद,अनिल पासवान, विजई राम,लाल बरात राम, परमहंस राम,कमली बनवासी,प्रेम चौहान, विक्रमा चौहान, सुद्धु विश्वकर्मा,उर्मिला देवी,शमशेर चौधरी विदेशी राम सहित तमाम लोग शामिल रहे।



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